Friday, February 17, 2017

उत्तराखंड के पारम्परिक पकवान

उत्तराखंड के पकवान एवं  मिठाइया मुहँ  मे पानी ला देती हैं तथा इसमें स्वाद तथा सेहत का ख्याल रखने वाली सभी गुण मौजूद है। ज्यादा न लिखते हुए आपसे मिठाइयों तथा पारम्परिक पकवानों का परिचय करवाता हूँ। 


उत्तराखंड में रोटियों कई तरह से बनती है ,रोटियों को तरह तरह के अनाजो से बने आटो से बनती है तथा रोटियों मे दालो को भी भरा जाता है जिसे भरी रोटी भी कहते है रोटियों के प्रकार है जिनका विवरण निम्नलिखित है-


  1. गेहू की रोटी- यह आमतौर पर हर भारतीय घरो मे देखने को मिल जाती है। इसे गेहूँ के आटे से बनाया जाता है। 
  2. मंडुए की रोटी-मंडुए की रोटी मंडुए के आटे से बनाया जाता है, ये स्वादिष्ठ होने के साथ साथ स्वास्थवर्धक भी होता है। 
  3. बाजरे की रोटी-बाजरे के आटे से बनाई जाती है ये स्वादिष्ठ रोटी जिसे बाजरे की रोटी कहा जाता है। 
  4. गहथ(कुलथ)की रोटी-गहथ(कुलथ) की दाल को उबालकर रोटी मे भरा जाता है ,इसे भरी रोटी भी कहा जाता है। 
  5. मरसा(चुलाई)की रोटी-चुलाई जिसे स्थानीय भाषा मे मरसा भी कहा जाता है के आटे से बनाई जाती है। 

उत्तराखंड मे स्वादिष्ठ पहाड़ी दालो को परोसा जाता है ,पहाड़ी दालो का विवरण निम्न है -

  1. आलू-टमाटर का झोल- आलू टमाटर को मिलाकर  दाल बनाई जाती है  जिसे स्थानीय भाषा मैं झोल कहते है। यह काफी स्वादिष्ठ होता है तथा बनाने मे बहुत आसान और जल्दी बन जाता है। 
  2. चैन्शु-चैन्शु को भुने हुए अनाज तथा काले भटट (एक तरह की सोयाबीन)से बनाया जाता है। ये स्वादिष्ठ होता है पर भारी दाल होने के कारण पाचन मे देर लगती है। 
  3. पहाड़ी राजमा-  पहाड़ी राजमा राजमा की एक प्रकार है जो पहाड़ो मे मिलती है ये काफी स्वादिष्ठ तथा स्वास्थवर्धक होती है। 
  4. गहथ(कुलथ)- गहथ की दाल को कुलथ भी कहा जाता है।
     
  5. तौर- तौर एक तरह की पहाड़ी दाल है।यह भारी दाल राजमा जैसी होती है तथा काफी स्वादिष्ठ होती है।
     
  6. चना दाल -  चना दाल दो तरह की होती है पीला चना तथा काला चना। पीला चना हल्की दाल होती है परन्तु काला चना भारी दाल होती है ये दोनों काफी स्वादिष्ठ होते है। 
  7. भटटवानी दाल-भटटवानी दाल को काले तथा सफ़ेद भट्ट(एक तरह की सोयाबीन )से बनाया जाता है। 
  8. फाणु- फाणु भी  चैन्शु की तरह कई दाल जैसे -गहथ ,अरहर,और साबूत मूंग से बनाया जाता है इन दालो को बनाने से 4 -5 घण्टे पहले  पानी  मे भिगो के रखा जाता है। 

उत्तरखंड मे तरह तरह की सब्जिया परोसी जाती है जिनका विवरण निम्न है -


  1. कफली-कफली हरी सब्जियों से बनाई जाती है यह बहुत गाढ़ी होती है एवम काफी स्वादिष्ठ भी। इसे सरसो के तेल या शुद्ध देशी घी मे पकाया जाता है। 
  2. थिच्वनी - थिच्वनी को उबले आलू या मूली को कुचल कर जिसे गढ़वाली मे थींच के बनाया जाता है इस लिए इस थिच्वनी कहा जाता  है। 

   उत्तराखंड मे  नाश्ते मे  ये चीज़े परोसी जाती है -

  1. आलू के गुटके- पहाड़ी आलूओ से बनाया जाता है आलू के गुटके जो मेरी खुद की पसन्द है। 
  2. आलू दाल के पकोड़े -ये कुमांऊ मंडल का प्रचलित नाश्ता है ,इन पकोड़ो  को हरी चटनी या सॉस के साथ परोसा जाता है। 
  3. उडद दाल के पकोड़े- उडद दाल को उबालकर बनाये जाते है ये पकोड़े। यह पकोड़े काफी स्वादिष्ठ होने के साथ साथ पौष्टिक भी होते है। 

उत्तराखंड मे  तरह तरह की चटनिया बनाई जाती है जो की निम्न है -

  1. भांग की चटनी-भांग की चटनी भांग के भुने बीजो और सौफ के बीजो को मिला के तथा उसमे नीम्बू   के रस डाल के बनायी जाती है। 
  2. तिल की चटनी-  तिल  को पीस के चटनी बनाई  जाती है जो काफी स्वादिष्ठ होती है। इसे गहथ के परांठे और अन्य चीज़ों के साथ परोसा है। 
  3. हरी चटनी-हरी चटनी हरी मिर्च,हरा धनिया निम्बू नमक आदि को मिलाके बनती है। यह चटनी हर पकवान जैसे  परांठो ,पकोड़ो, आदि के साथ परोसी जाती है तथा बहुत पसन्द भी की जाती है।
      



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