Wednesday, November 21, 2018

उत्तराखंड की शान बेटे:-आशुतोष नौटियाल

देवभूमि की छुपी प्रतिभाओ को आप तक लाने के लिए जो यह संकलन तैयार किया है उसे आगे बढाते हुए आज आपको एक ऐसे युवक से  जुडी कुछ बातें बताने जा रहा हूँ जो अपनी प्रतिभा के बल पर निरंतर आगे बढ़ रहा है ,बस उन्हें चाहिए आप सभी का साथ ताकि वो और आगे बढे और देवभूमि का नाम विश्वपटल पर स्थापित करे

आज बात करने जा रहा हूँ "आशुतोष नौटियाल" जी की जो एक संगीतज्ञ(म्यूजिशियन) है। आशुतोष भैजी मूल रूप से गाग्वारस्यूं घाटी (जो की पौड़ी शहर के नजदीक है) से है,और हाल में दिल्ली एनसीआर में रहते है। आशुतोष भैजी महाराजा सूरजमल इंस्टिट्यूट से BCA कर रहे है ।


अब बात करते है भाई की प्रतिभा के बारे में -
इन्हे 5 साल की उम्र से ही वाद्य यंत्रो में रूचि थी और बाद में यह शौक बढ़ता गया और उन्होंने धीरे धीरे खुद से सीखते हुए यह मुकाम हासिल किया। आशुतोष भैजी एक अलग तरह का वाद्य यंत्र जिसे मेलॉडिका (इटालियन वाद्य यंत्र) कहते है पर सभी तरह के गाने चाहे वो बॉलीवुड हो ,अंग्रेजी गाने हो या चाहे हमारे अपने पहाड़ी गीत सभी गीतों को वो दो-तीन बार सुनने भर से ही उसकी धुन बना देते है जो की अपने आप में आश्चर्य का विषय है। 
आशुतोष भैजी से हुई बातचीत में उन्होंने बताया के उन्हें बचपन से ही संगीतमय माहौल मिला जिससे उनकी संगीत और वाद्य यंत्रो में रूचि बढ़ी। वह आगे बताते है की उन्हें ,उनके नाना जी श्री R.P कुकरेती जी (जो की 90 के दशक में एक प्रसिद्ध हारमोनियम वादक और गीतकार रहे ) और माता जी श्रीमती कंचन नौटियाल जिन्होंने ने संगीत विषय से मास्टर्स करा है उन्ही से विरासत में मिला है। 
आशुतोष आगे बताते है कि उनके परिवार के सभी सदस्य संगीत प्रेमी रहे  और उन्हें उनकी माँ जी हारमोनियम पर "सा,रे,गा,मा "सिखाया करती थी और जब वे दो-तीन साल के थे उनके पिता जी उनके लिए वाद्य यंत्र जैसे छोटा पियानो आदि लाते थे ,जो के उनके संगीत के लिए एक मजबूत नीव बना,वो कहते है न बच्चे के लिए पहली पाठशाला उसका घर का माहौल होता है,उनका परिवार ही है जिनके कारण आशुतोष इस मुकाम पर आये।
                                                  चित्र :आशुतोष  अपने पियानो के साथ 
 आगे बात चीत में उन्होंने बताया के उन्हें अपनी देवभूमि से बेहद लगाव है और वे अपने दादा जी श्री A.P नौटियाल जो के भारतीय सेना से ब्रिगेडियर कैप्टन पद  पर सेवानिवृत्त है और पिता श्री मनोज नौटियाल जो के समाज सेवक है और कई सामाजिक कार्य करते आये है ,इन्ही की तरह वे अपने देवभूमि के लिए कुछ करना चाहते है और इस कार्य में वे चाहते है कि  उत्तराखंड की लोक संस्कृति यहाँ का लोक संगीत विश्व भर में प्रसिद्ध हो वे इस कार्य में अपना हर संभव प्रयास करने को समर्पित है।
                                                  चित्र:-आशुतोष नौटियाल 
 आशुतोष ने बताया की धीरे धीरे उन्होंने इस रूचि को आगे बढ़ाया और नए तरह के वाद्य यंत्र मेलॉडिका जोकि एक इटालियन वाद्य यंत्र है उसे वह 17 साल की उम्र से ही बिना किसी प्रशिक्षण संस्थान में गए बजाने  लगे और धीरे धीरे अपने अभ्यास के बल पर वो इस वाद्य यंत्र में पारंगत हो गए। 
                                          चित्र:-इटालियन वाद्य यंत्र "मेडोलिका"

आशुतोष ने धीरे धीरे अपने इस हुनर को निखारते रहे और इसे लोगो के सामने लाते रहे,जैसा की सब जानते है आज इंटरनेट का युग है मिनिटो में ही आप अपनी प्रतिभा लाखो लोगो तक पहुंचा सकते है आशुतोष ने भी संचार और इंटरनेट के माध्यम से लोगो तक अपनी प्रतिभा दिखानी शुरू करी। इस सब के लिए उन्होंने सोशल साइट जैसे फेसबुक और वीडियो को लोगो तक पहुंचाने के लिए यूट्यूब के मंच का प्रयोग किया। वो जो भी गीत पर धुन बनाते उसे अपने भाई शान्तनु नौटियाल की मदद से रिकॉर्ड करके उपलोड करते। 
                                           चित्र:-आशुतोष अपने मेडोलिका के साथ 
आशुतोष भैजी ने अब तक कई गीतों को अपने मेडोलिका द्वारा नया अंदाज़ दिया जिसे आज की भाषा में कहे तो उन्होंने कई हिट गीतों पर मेडोलिका कवर बनाया है। उन गीतों में गढ़वाली गीत -ठंडो रे ठंडो, बाजु रंगा,नंदू मामा की स्याली,चैत की चैत्वाल,पहाड़ी मैशप शामिल है,इसके साथ ही उन्होंने पंजाबी हिट सांग "दारु बदनाम","मेरे वाला सरदार",और साथ ही इन्होने अंग्रेजी गानो के भी मेलॉडिका कवर सांग करे जिनमे "मैरून 5 का बहुत ही ज्यादा प्रसिद्ध गीत "गर्ल लाइक यू " ,और K391 और एलन वॉकर का गीत "इगनाईट" शामिल है। 
बॉलीवुड गानो की बात करे तो आशुतोष ने अब तक "देखते देखते(बत्ती गुल मीटर चालू),बारिश(हाफ गर्लफ्रेंड),फिर भी तुमको चाहुगा ,आदि शामिल है 
इन्होने अब तक अपने यूट्यूब चैनल पर 64 वीडियो डाले है जिन्हे आपको एक बार जरूर देखना चाहिए। आप नीचे दिए लिंक पर जाकर भाई के चैनल के वीडियो एक बार जरूर सुने और समर्थन स्वरुप चैनल सब्सक्राइब करना न भूले। 

                                 Ashutosh Nautiyal-Youtube channel 

आशुतोष अपने कॉलेज में फंक्शन्स के दौरान कई बार अपने इस प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके है जिससे उन्हें काफी सराहना भी मिली। 


लायक बनो कामयाबी अपने आप सामने से आएगी "
आशुतोष भैजी  के लिए ये लाइन असल जिंदगी में लागू होती है ,वे जैसे जैसे अपने हुनर को आगे बढ़ा रहे है उन्हें उनके हुनर के लिए सराहा भी जा रहा है ,आशुतोष अपने प्रतिभा के चलते भारत के पहले ऑनलाइन प्रतियोगिता "सबकुछ सिम्फनी 2017  में टॉप 10  विजेताओं में से एक बने। 

इसके साथ ही कई बार उनके वीडियो पर सेलेब्रिटी ने अपनी प्रतिक्रिया जताई और उन्हें सराहा। उनकी प्रतिभा को सराहने वालो में K391 प्रोडक्शन ,पंजाबी सिंगर परम सिंह (जिन्होंने  खुद दारु बदनाम गीत गाया है )ने उनका दारू बदनाम पर मेलॉडिका कवर को सराहा ,रोचक कोहली ,नेहा मलिक,जुगराज संधू जैसे दिग्गजों ने उनके काम को सराहा। 
यही नहीं  हमारी देवभूमि के कई दिग्गज म्यूजिशियन एवं कलाकारों   जैसे गुंजन डंगवाल(चैत की चैत्वाल), पांडवास,निराला नेशन प्रोडक्शन,शिवम् भट्ट,शंकल्प खेतवाल आदि ने उन्हें सराहा और  आने वाले प्रोजेक्ट में साथ काम करने का प्रस्ताव भी दिया। उनके द्वारा बनाये ठंडो रे ठंडो -मेलॉडिका  कवर को खुद गढ़रत्न श्री  नरेंद्र सिंह नेगी जी ने अपने ऑफिसियल पेज पर शेयर करा।  
                                          चित्र:K391 द्वारा आशुतोष भाई की वीडियो शेयर की गयी 

                                     चित्र:दारू बदनाम गीत के सिंगर परम सींग द्वारा सराहना 
                            

                               चित्र:दिग्गज संगीतकार गुंजन डंगवाल ने उनका कवर शेयर भी करा 

                            चित्र:-देवभूमि के प्रसिद्ध संगीतकार "गुंजन डंगवाल जी के साथ आशुतोष 
                            चित्र:नरेंद्र सिंह नेगी जी द्वारा आशुतोष भाई द्वारा बनाये कवर शेयर किया 

श्रीमती ज्योति बहुगुणा जी ने इन्हे अपने स्कूल में आमंत्रित किया ताकि वह अपने संगीत में जो प्रतिभा है उससे बच्चो को एक सन्देश दे पाए ताकि बच्चो का रुझान संगीत और अपनी संस्कृति के प्रति हो सके ,
चित्र:बच्चो को संगीत के गुर बताते आशुतोष 


 आशुतोष आगे बताते हुए अपने  संगीतमय सफर में साथ रहे उनके दोस्त-सात्विक पलित,प्रयांश जैन ,अंकित बंसल,शुभम सक्सैना ,बिराट कुमार,अमन राजपूत,विशाल चौधरी,दीपक कुमार ,शिवानी नेगी ,हिमांशु नेगी ,अंजलि रावत को अपने इस सफर में उनके साथ रहने के लिए धन्यवाद देते है। 
वे आगे धन्यवाद उन फेसबुक पेज को भी देते है जिन्होंने उनके वीडियो को शेयर करा और उनकी इस छुपी प्रतिभा को लोगो के सामने रखा। 
अंत में मै  ईश्वर से उनके स्वर्णिम भविष्य की कामना करता हूँ 
 आपसे पूरी उम्मीद है कि आप अपने प्रतिभा के दम पर उत्तराखंड और हमारे लोक संगीत को विश्व पटल पर एक नए आयाम के साथ स्थापित करेंगे और अपने जीवन में कई और उपलब्धिया हांसिल करेंगे 

   
    

  

No comments:

Post a Comment