Friday, May 17, 2019

उत्तराखंड की बेटी शीतल ने फतह किया एवेरेस्ट

कल का दिन यानी 16 मई 2019 उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक रहा ,कुछ ऐसा हुआ जो समाज के लिए एक उदाहरण स्थापित करने के लिए काफी  है।उत्तराखंड की नारी दुनिया में मेहनत और अपने दृढ संकल्प से कार्य-सिद्धि में प्रसिद्ध है।
आज हम इसी दृढ संकल्प से असम्भव को संभव करने की सच्ची घटना आप से साझा करूँगा।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के सोरघाटी की बेटी शीतल  राज ने अपने दृढ संकल्पो से दुनिया की सबसे ऊँची और दुर्गम चोटी माउंट एवेरेस्ट को फतह कर दुनिया भर में देवभूमि उत्तराखंड का नाम रोशन किया और साथ ही एक उदाहरण स्थापित किया कि "नारी हर क्षेत्र में पुरुषो के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है कई स्थानों में पुरुषो से आगे है और कड़ी टक्कर देते है इसलिए उन्हें बेचारी न समझा जाए।



फोटो:-शीतल राज जी 

शुरुआती सफर :-

उत्तराखंड में पिथौरागढ़ जिले के सोरघाटी गाँव में जन्मी शीतल राज जी गरीब परिवार से है परन्तु उन्होंने इस चीज़ को अपने सपनो के बीच आने नहीं दिया और अपने पक्के इरादों से कई उपलब्धियों जिनमे कल हांसिल की गयी एवेरेस्ट फतह भी शामिल है ,को अपने नाम कर अपने परिवार सहित समूचे उत्तराखंड का नाम रोशन किया। 
शीतल जी के पिता उमाशंकर राज जी टैक्सी चलाकर परिवार का भरण पोषण करते है पर उन्होंने बेटी के सपनो को उड़ान मिले इस लिए अपने स्तर से हर प्रयास किया और आज उनके और उनकी बेटी के संघर्ष रंग लाये है। 



शीतल का कहना है स्कूल के दिनों से ही उन्हें पर्वतारोहण में खासी रूचि थी जिस रूचि को जूनून में बदलते देर नहीं लगी। शीतल जी ने वर्ष 2014 में एनसीसी ज्वाइन करी और इसी दौरान पर्वतारोहण में देश के प्रसिद्ध पर्वतारोहण प्रशिक्षण  संस्थानों से पर्वतारोहण में बेसिक और एडवांस कोर्स किये।
परिवार के हर पल साथ और अपनी कड़ी मेहनत के बलबूते उन्होंने इतनी बड़ी बड़ी उपलब्धियों हो हांसिल किया है।

एवेरेस्ट फतह का सफर:-

शीतल जी का एवेरेस्ट फतह करने का सपना तब परवान चढ़ा जब उन्होंने दूसरी सबसे ऊँची पर्वत चोटी कंचनजंगा को फतह करा उन्होंने तब ही ठान ली थी के वह एवेरेस्ट को एक दिन जरूर फतह करेंगी और उन्होंने इस असम्भव से लगने लक्ष्य को दृढ़ संकल्प से संभव बनाया।

उनके इस लक्ष्य को पाने में शीतल जी के साथ कई लोगो का साथ मिला जिनमे "द हंस फाउंडेशन","सनपेट","सुपरटैक",क्लिफ आदि का सहयोग मिला जिससे उनका एवेरेस्ट फतह का लक्ष्य पूरा हुआ।

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